HBSE Class 10th Hindi Sample Paper 2024 Answer

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HBSE Class 10th Hindi Sample / Model Paper 2024 Answer

कक्षा – 10वी                                  विषय – हिन्दी
समय : 3 घंटे                                    पूर्णांक : 80

सामान्य निर्देश –
(i) सभी प्रश्न अनिवार्य है।
(ii) शुद्ध, सार्थक तथा तर्क संगत उत्तरों को उचित अधिमान दिया जाएगा। वर्तनीगत अशुद्धियों तथा विषयांतर की स्थिति में कम / शुन्य अंक देकर दंडित किया जा सकता है।
(iii) सभी प्रश्नों के अंक उनके सामने दिए गए है।

खंड क – व्याकरण एवं रचना

1. निम्नलिखित प्रश्नों के यथानिर्दिष्ट उत्तर दीजिए :  (2 × 7 = 14 अंक)
(क) द्विगु समास किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर – जिस समास का पूर्वपद संख्यावाची विशेषण तथा उत्तरपद प्रधान हो, उसे द्विगु समास कहा जाता है, जैसे: चौराहा- चार राहों का समूह।

(ख) स्वागत, नयन (सन्धि-विच्छेद कीजिए)
उत्तर : स्वागत = सु + आगत
नयन = ने + अन

(ग) निराकार, अभियान (उपसर्ग छांटिए)
उत्तर : निराकार = निर्
अभियान = अभि

(घ) सागर, दिन (पर्यायवाची शब्द लिखिए)
उत्तर : सागर = समुद्र, पारावार
दिन = दिवस, दिवा

(ड़) मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
(i) कठपुतली होना
उत्तर – दूसरे के कहने पर चलना।
रमेश तो आजकल अपनी पत्नी के हाथों की कठपुतली हो गया है।

(ii) ईद का चाँद होना
उत्तर – बहुत दिनों बाद दिखाई देना।
महेश! बहुत दिनों बाद मिले। तुम तो ईद का चाँद हो गए हो।

(च) श्लेष अलंकार की परिभाषा सोदाहरण लिखिए।
उत्तर – काव्य में जहां किसी शब्द का भिन्न संदर्भों में अलग-अलग अर्थ निकले, वहाँ श्लेष अलंकार होता है, जैसे: रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै मोती मानुष चून।।
(यहाँ ‘पानी’ शब्द का भिन्न संदर्भों में ‘चमक’, ‘इज्जत’ एवं ‘जल’ अर्थ प्रकट होता है।)

(छ) दोहा छंद की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर – दोहा एक अर्द्धसममात्रिक छंद है। इसके प्रथम तथा तृतीय चरण में 13-13 तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएं होती हैं। द्वितीय एवं चतुर्थ चरण के अंत में गुरु लघु वर्ण आते हैं, यथा: तुलसी या संसार में मिलयो, सबसों धाये। ना जाने किस रूप में, नारायण मिल जाये।।

2. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए।  (5 अंक)
(क) मेरे सपनों का भारत
(ख) विद्यार्थी और अनुशासन
(ग) मेरी प्रिय पुस्तक
(घ) विज्ञान के बढ़ते चरण
(ड़) युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति
उत्तर – खुद करे।
(भूमिका + विस्तार + निष्कर्ष + निर्धारित शब्द सीमा)

3. पुस्तकालय में पुस्तकों की व्यवस्था करवाने के लिए अपने मुख्याध्यापक को एक प्रार्थना पत्र लिखिए।  (5 अंक)
उत्तर –
सेवा में,
प्रधानाचार्य जी,
मॉडल संस्कृति स्कूल बाढ़डा
चरखी दादरी
दिनांक : 25/02/2024
विषय : पुस्तकालय में पुस्तकों की व्यवस्था के लिए प्रार्थना-पत्र
महोदय,
मैं आपके विद्यालय का कक्षा 10वी का छात्र हूँ। मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि छात्रों के पढ़ने के लिए पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय के पुस्तकालय में जीव विज्ञान, इतिहास, अंग्रेजी व्याकरण और प्रतियोगी परीक्षा पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इन सभी किताबों की कमी के कारण हमारी पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है।
अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया इन पुस्तकों और नवीनतम संस्करण की पुस्तकों को पुस्तकालय में जल्द से जल्द उपलब्ध करानें की कृपा करें, ताकि हम छात्र-छात्राएँ पूरे पाठ्यक्रम को समय पर आसानी से पूरा कर सकें। आपके इस उचित कार्य के लिए हम सभी छात्र-छात्राएँ आपका अत्यंत आभारी रहेंगे।
धन्यवाद,
आपका छात्र,
राकेश

अथवा

योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
उत्तर –
88, प्रेम नगर
चरखी दादरी
25 फरवरी, 2024
प्रिय मित्र सुनील,
मैं तुमसे योग के महत्व के बारे में बात करना चाहता हूँ। योग न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं। योग से हमारी शारीरिक फिटनेस बढ़ती है, हमारी मानसिक स्थिति सुधरती है और हमें सक्रिय रखने में मदद मिलती है। इसलिए, मैं तुमसे अनुरोध करता हूँ कि तुम योग को अपने जीवन में सम्मिलित करो। योग आंतरिक शांति प्राप्त करने और तनाव के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद करता है। योग एक व्यक्ति में शांति के स्तर को बढ़ाता है और उसके आत्मविश्वास को और अधिक बढ़ाने तथा उसे खुश रहने में मदद करता है। योग आपके शरीर को शांत करने और आराम करने में मदद करता है जिसका मतलब तनाव का कम होना है और आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते है। यही कारण है कि बच्चों और किशोरों को योग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि यह उनकी पढ़ाई में बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
मैं उम्मीद करता हूँ कि तुम मेरी बातों को समझोगे और योग को अपने जीवन में सम्मिलित करोगे।
तुम्हारा प्रिय मित्र
मोहित

खंड ख – काव्य खंड (क्षितिज भाग-2)

4. क्षितिज (काव्य-खंड) के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चूनकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखिए।  (1 × 6 = 6 अंक)
(क) गोपियाँ किसे बड़भागी कहते हैं ?
(i) राधा को
(ii) कृष्ण को
(iii) यशोदा को
(iv) उद्भव को
उत्तर – (iv) उद्भव को

(ख) श्रीराम ने किसके धनुष को तोड़ा था ?
(i) शिव के
(ii) परशुराम के
(iii) जनक के
(iv) ब्रह्मा के
उत्तर – (i) शिव के

(ग) कवि किसका स्वप्न देखकर जाग गया था ?
(i) धन का
(ii) भूत का
(iii) सुख का
(iv) परीक्षा का
उत्तर – (iii) सुख का

(घ) ‘उत्साह’ किस प्रकार का गीत हैं ?
(i) प्रेम का
(ii) विरह का
(iii) आह्वान का
(iv) उत्साह का
उत्तर – (iii) आह्वान का

(ड़) ‘चिर प्रवासी मैं इतर’ वाक्यांश में चिर प्रवासी कौन हैं ?
(i) बालक
(ii) कवि
(iii) माँ
(iv) ईश्वर
उत्तर – (ii) कवि

(च) संगतकार की आवाज कैसी कही गई हैं ?
(i) भारी
(ii) ऊँची
(iii) अति मधुर
(iv) कमजोर
उत्तर – (i) भारी

5. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।  (1 × 5 = 5 अंक)
मुख्य गायक के चट्टान जैसी भारी स्वर का साथ देती वह आवाज सुंदर, कमजोर, काँपती हुई थी। वह मुख्य गायक का छोटा भाई हैं। या उसका शिष्य या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार मुख्य गायक की गरज में वह अपनी गूंज मिलाता आया है प्राचीन काल से
प्रश्न :
(i) प्रस्तुत काव्याशं के कवि एवं कविता का नाम लिखिए।
उत्तर : कवि का नाम – मंगलेश डबराल, कविता का नाम – संगतकार

(ii) मुख्य गायक का स्वर कैसा है ?
उत्तर – चट्टान जैसा भारी

(iii) मुख्य गायक को आवाज का साथ देने वाली आवाज किसकी होती हैं ?
उत्तर – मुख्य गायक के छोटे भाई की अथवा उसके शिष्य की अथवा उसके किसी दूर के रिश्तेदार की।

(iv) संगतकार की आवाज कैसी थी ?
उत्तर – गर्जना / भारी आवाज

(v) मुख्य गायक के चट्टान जैसी भारी स्वर का साथ देने वाली आवाज कैसी थी ?
उत्तर – सुंदर, कमजोर, काँपती हुई

6. निम्नलिखित काव्यांश का काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए :  (3 अंक)
विकल विकल, उन्मन थे उन्मन
विश्व के निदांध के समल जन
आए अज्ञात दिशा से अनंत के धन।
उत्तर : भाव सौंदर्य – कवि द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस समय समस्त विश्व के गरीब, किसान व मजदूर कुछ उच्चवर्ग के लोगों के पापाचार और अन्याय से पीड़ित है। क्रांति के रूप में बादल का आगमन ही धरती और मनुष्यों का ताप हर कर उन्हें शीतलता प्रदान कर सकता है।
शिल्प सौंदर्य – साहित्यिक खड़ी बोली का प्रयोग, तत्सम् शब्दावली की प्रधानता, ओज गुण, वीप्सा अलंकार, छंद मुक्त कविता।

7. (क) सूरदास के पदों के आधार पर योग साधना के प्रति गोपियों का दृष्टिकोण स्पष्ट करें।  (3 अंक)
उत्तर – दृष्टिकोण नकारात्मक, कृष्ण से दूर ले जाने वाली, कड़वी ककड़ी तथा बीमारी के समान।

(ख) आत्मकथा कविता का मूल भाव स्पष्ट कीजिए।  (3 अंक)
उत्तर – आत्मकथा लेखन सहज नहीं, इसमें अपनी अच्छाईयों के साथ बुराईयों, कमियों तथा कमजोरियों को भी उजागर करना पड़ता है। अपने मित्रों, साथियों आदि के बारे में भी सत्य लिखना होता है। साथ ही अपने व्यक्तिगत तथा निजी क्षणों के विषय में भी लिखना होता है।

खंड ग – गद्य खंड (क्षितिज भाग-2)

8. क्षितिज (गद्य-खंड) के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित उत्तर चुनकर, उत्तर पुस्तिका में लिखिए।  (1 × 6 = 6 अंक)
(क) नेता जी की मूर्ति किसने बनाई थी ?
(i) ड्राइवर ने
(ii) पानवाले ने
(iii) ड्राइंग मास्टर ने
(iv) थानेदार ने
उत्तर – (iii) ड्राइंग मास्टर ने

(ख) बालगोबिन भगत का कद कैसा था ?
(i) लंबा
(ii) मंझोला
(iii) नाटा
(iv) छोटा
उत्तर – (ii) मंझोला

(ग) नवाब साहब ने खीरे का स्वाद कैसे प्राप्त किया ?
(i) खाकर
(ii) सूंघकर
(iii) सुनकर
(iv) देखकर
उत्तर – (ii) सूंघकर

(घ) मन्नू भंडारी के पिता ‘भाटियारखाना’ किसे कहते थे ?
(i) मंदिर को
(ii) रसोई को
(iii) दुकान को
(iv) पुस्तकालय को
उत्तर – (ii) रसोई को

(ड़) अमीरूदीन का जन्म कहा हुआ ?
(i) काशी
(ii) डुमराँव
(iii) रोहतक
(iv) मुंगेर
उत्तर – (ii) डुमराँव

(च) सभ्यता किसका परिणाम हैं ?
(i) शिक्षा का
(ii) ज्ञान का
(iii) संस्कृति का
(iv) शिष्टता का
उत्तर – (iii) संस्कृति का

9. निम्नलिखित गंधाश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उतर दीजिए।  (1 × 5 = 5 अंक)
बाल गोबिन भगत की संगीत-साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह। कुछ सुस्त और बोदा-सा था, किन्तु इसी कारण बालगोबिन भगत उसे और भी मानते। उनकी समझ में ऐसे आदमियों पर ही ज्यादा नजर रखनी चाहिए या प्यार करना चाहिए, क्योंकि ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं।
प्रश्न :
(i) प्रस्तुत गद्यांश के लेखक और पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर : लेखक का नाम – रामवृक्ष बेनीपुरी, पाठ का नाम – बालगोबिन भगत

(ii) प्रस्तुत गद्यांश का प्रसंग लिखिए।
उत्तर – प्रस्तुत गद्यांश हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक क्षितिज (भाग-2) में संकलित पाठ ‘बालगोबिन भगत’ से अवतरित है। इसके रचयिता रामवृक्ष बेनीपुरी हैं। इस पाठ में उन्होंने बालगोबिन भगत नामक एक संगीत साधक का व्यक्तिचित्र प्रस्तुत किया है।

(iii) बालगोबिन भगत की संगीत साधना का उत्कर्ष कब देखा गया ?
उत्तर – जिस दिन उसका बेटा मरा।

(iv) बालगोबिन भगत अपने बेटे को किस कारण अधिक प्यार करते थे ?
उत्तर – बेटे के कुछ सुस्त और बोदा-सा होने के कारण।

(v) बालगोबिन भगत के अनुसार कैसे आदमियों को ज्यादा निगरानी की आवश्यकता है ?
उत्तर – सुस्त और बोदे-से आदमियों को

10. स्वंय प्रकाश अथवा मन्नू भंडारी का जीवन परिचय देते हुए उनकी रचनाओं, साहित्यक विशेषताओं एवं भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।  (5 अंक)
उत्तर –

स्वंय प्रकाश

• जन्म – स्वयं प्रकाश का जन्म सन् 1947 में इंदौर (मध्यप्रदेश) में हुआ।
• शिक्षा – मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में नौकरी करने वाले स्वयं प्रकाश का बचपन और नौकरी का बड़ा हिस्सा राजस्थान में बीता। फ़िलहाल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद वे भोपाल में रहते थे और वसुधा पत्रिका के संपादन से जुड़े थे।
• रचनाएं – आठवें दशक में उभरे स्वयं प्रकाश आज समकालीन कहानी के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। उनके तेरह कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें सूरज कब निकलेगा, आएँगे अच्छे दिन भी, आदमी जात का आदमी और संधान उल्लेखनीय हैं। उनके बीच में विनय और ईंधन उपन्यास चर्चित रहे हैं। उन्हें पहल सम्मान, बनमाली पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादेमी पुरस्कार आदि पुरस्कारों से पुरस्कृत किया जा चुका है।
• साहित्यिक विशेषताएँ – स्वयं प्रकाश के साहित्य पर आदर्शवादी विचारधारा का काफी प्रभाव है। इनकी कृतियों में देश, समाज, नगर-गाँव की सुख-समृद्धि देखने की आकांक्षा प्रकट हुई है। भारतीय सांस्कृतिक जीवन-मूल्य उनमें प्रवाहित हुए हैं।
• भाषा शैली – मध्यवर्गीय जीवन के कुशल चितेरे स्वयं प्रकाश की कहानियों में वर्ग-शोषण के विरुद्ध चेतना है तो हमारे सामाजिक जीवन में जाति, संप्रदाय और लिंग के आधार पर हो रहे भेदभाव के खिलाफ़ प्रतिकार का स्वर भी है। रोचक किस्सागोई शैली में लिखी गईं उनकी कहानियाँ हिंदी की वाचिक परंपरा को समृद्ध करती हैं।
• मृत्यु – इनकी मृत्यु 7 दिसंबर 2019 को हुई।

अथवा

मन्नू भंडारी

• जन्म – मन्नू भंडारी का जन्म सन् 1931 में गाँव भानपुरा, जिला मंदसौर (मध्य प्रदेश) में हुआ।
• शिक्षा – उनकी इंटर तक की शिक्षा-दीक्षा हुई राजस्थान के अजमेर शहर में। उन्होंने हिंदी में एम.ए. किया। दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलिज में अध्यापन कार्य से अवकाश प्राप्ति के बाद दिल्ली में ही रहकर स्वतंत्र लेखन कर रही थी।
• रचनाएं – मन्नू भंडारी की प्रमुख रचनाएँ हैं- एक प्लेट सैलाब, मैं हार गई, यही सच है, त्रिशंकु (कहानी-संग्रह); आपका बंटी, महाभोज मरू (उपन्यास)। इसके अलावा उन्होंने फ़िल्म एवं टेलीविज़न धारावाहिकों के लिए पटकथाएँ भी लिखी हैं। हाल ही में ‘एक कहानी यह भी’ नाम से आत्म कथ्य का प्रकाशन किया।
• साहित्यिक विशेषताएं – उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए हिंदी अकादमी के शिखर सम्मान सहित उन्हें अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं जिनमें भारतीय भाषा परिषद्, कोलकाता, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पुरस्कार शामिल हैं।
• भाषा शैली – मन्नू भंडारी की कहानियाँ हों या उपन्यास, उनमें भाषा और शिल्प की सादगी तथा प्रामाणिक अनुभूति मिलती है। उनकी रचनाओं में स्त्री-मन से जुड़ी अनुभूतियों की अभिव्यक्ति भी देखी जा सकती है।
• मृत्यु – मन्नू भंडारी की मृत्यु 15 नवंबर 2021 को 90 वर्ष की आयु में गुड़गांव, हरियाणा में हुई थी।

11. (क) हालदार साहब की आदत से मजबूर आँखों ने क्या देखा?  (2 अंक)
उत्तर – कैप्टन चश्मे वाले की मृत्यु के पश्चात् हालदार साहब ने निश्चय किया था कि वे कस्बे से गुजरते वक्त नेता जी की मूर्ति की तरफ नहीं देखेंगे क्योंकि अब नेता जी की मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला कोई नहीं रहा हैं, परन्तु अगली बार जब वे उस चौराहे से गुजरे तो आदत से मजबूर उनकी आँखे स्वतः ही नेता जी की मूर्ति की ओर चली गई। उन्होंने देखा कि किसी ने उस मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा चश्मा लगा दिया था।

(ख) शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता हैं?  (2 अंक)
उत्तर – शहनाई और डुमराँव का गहरा संबंध है। वहां सोन नदी के किनारे नरकट नामक घास मिलती है। इस घास की रीड, शहनाई बजाने के काम आती है। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्ला खाँ की जन्मभूमि भी यही डुमराँव है। इसी कारण शहनाई की दुनियां में डुमराँव को याद किया जाता है।

खंड घ – कृतिका भाग-2

12. कृतिका भाग-2 के आधार पर निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर दीजिए।  (3 + 3 = 6 अंक)
(क) ‘माता का आँचल’ पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – बचपन की बड़ी अद्भुत, मनोरम एवं सजीव तस्वीर की प्रस्तुती, बच्चों के प्रति माता-पिता स्नेह का वर्णन, बच्चों के प्रति माता-पिता का मित्रवत् व्यवहार, बच्चों की शरारतों, अठखेलियों एवं मनोविनोद का वर्णन।

(ख) गंतोक को मेहनतकश बादशाहों का शहर क्यों कहा गया है ?
उत्तर – गंतोक एक कठिन पर्वतीय स्थल है। अपने जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यहाँ के लोग मेहनत से घबराते नहीं हैं। कठिनाईयों के बावजूद ये लोग मस्त रहते हैं। इसीलिए गंतोक को ‘मेहनतकश बादशाहों का शहर’ कहा गया है।

(ग) कौन से अनुभव ने लेखक को हिरोशिमा कविता लिखने पर विवश कर दिया।
उत्तर – जापान के हिरोशिमा नामक नगर में घूमते हुए लेखक को सड़क पर एक जले हुए पत्थर पर उस व्यक्ति की लंबी, उजली छाया दिखाई दी, जो परमाणु विस्फोट के समय वहाँ खड़ा रहा होगा। इस विस्फोट के कारण वह भाप बनकर उड़ गया होगा और उसकी छाप उस पत्थर पर पड़ गई होगी। इसी अनुभव से उत्पन्न अनुभूति ने लेखक को ‘हिरोशिमा’ कविता लिखने पर विवश कर दिया।

खण्ड ड़ – नैतिक शिक्षा

13. (क) नैतिक शिक्षा (पाठ्य-पुस्तक) के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर अपनी उतर पुस्तिका में लिखिए।  (1 × 4 = 4 अंक)
1. योग का प्रयोग किस लाभ के लिए हमेशा से होता रहा है ?
(i) शारीरिक
(ii) मानसिक
(iii) आध्यात्मिक
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (iv) उपर्युक्त सभी

2. कितने वर्ष की आयु में रानी लक्ष्मीबाई को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी ?
(i) 16 वर्ष
(ii) 17 वर्ष
(iii) 18वर्ष
(iv) 15 वर्ष
उत्तर – (i) 16 वर्ष

3. भिक्षुक सम्राट किसे कहा जाता हैं ?
(i) महात्मा गांधी को
(ii) मदन मोहन मालवीय को
(iii) सुभाष चंद्र बोस को
(iv) लाला लाजपत राय को
उत्तर – (ii) मदन मोहन मालवीय को

4. महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश कहा दिया ?
(i) गया
(ii) लुम्बिनी
(iii) सारनाथ
(iv) गया
उत्तर – (iii) सारनाथ

(ख) निम्नलिखित सूक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।  (3 अंक)
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय।
औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय।।
उत्तर – हमें अहंकार से मुक्त होकर ऐसी वाणी का प्रयोग करना चाहिए, जिससे दूसरों को भी शीतलता की प्राप्ति हो तथा हम स्वयं भी शीतल हो जाएं।

(ग) सालिम अली ने अपनी आत्मकथा का क्या नाम रखा व क्यों?  (3 अंक)
उत्तर : आत्मकथा का नाम – ‘द फॉल ऑफ ए स्पैरो’।
बचपन में अपनी एयरगन का ट्रिगर अचानक दब जाने से आकाश में उड़ती हुई एक पीली चिड़िया के घायल हो जाने के कारण।

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