HBSE Class 12th Hindi Sample Paper 2024 Answer

Haryana Board Class 12th Hindi Sample Paper 2024 with Answer. Haryana Board 12th Hindi Model Paper with Answer. HBSE 12th Hindi Model Paper 2023 Solution. HBSE 12th Hindi ka Model Paper 2024. BSEH Class 12th Hindi Model Paper 2024. Hindi Sample Paper 12th class HBSE Board. HBSE Class 12 Hindi Sample Paper 2024 Pdf Download. HBSE Class 12th Ka Hindi Model Paper Download Kare. HBSE Class 12 Hindi Model Paper 2024 Pdf Download.

HBSE Class 12th Hindi Sample / Model Paper 2024 Answer

कक्षा – 12वी                         विषय – हिन्दी
समय : 3 घंटे                          पूर्णांक : 80

सामान्य निर्देश –
1. इस प्रश्नपत्र में दो खण्ड हैं – खण्ड (अ) और खण्ड (ब)। खण्ड (अ) में बहुविकल्पीय और खण्ड (ब) में वस्तुनिष्ठ / वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
2. खण्ड (अ) में कुल 8 प्रश्नों के 40 बहुविकल्पीय पूछे गए हैं।
3. खण्ड (ब) में कुल 8 प्रश्न हैं। निर्देशानुसार विकल्पों का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्न के उत्तर देना अनिवार्य है।
4. प्रश्नपत्र के दोनों खण्डों में प्रश्नों की कुल संख्या 16 हैं और सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
5. प्रश्नों का उत्तर लिखते समय, क्रमसंख्या अवश्य लिखें।
6. सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार लिखें।

खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
जीवन में सुख की अभिलाषा सभी को रहती है। बिना श्रम किए भौतिक साधनों को जुटाकर जो सुख प्राप्त करने के पक्ष में हैं, वह अंधकार में हैं। उन्हें वास्तविक और स्थायी शान्ति नहीं मिलती। गांधी जी तो कहते थे कि जो बिना श्रम किए भोजन ग्रहण करता है, वह चोरी का अन्न खाता है। ऐसी सफलता मन को शांति देने के बजाए उसे व्यथित करेंगी। परिश्रम से दूर रहकर और सुखमय जीवन व्यतित करने वाले विद्यार्थी को ज्ञान कैसे प्राप्त होगा। हवाई किले तो सहज ही बन जाते हैं, लेकिन वे हवा के हल्के झोंके से ढह जाते हैं। मन में मधुर कल्पनाओं के संजोने मात्र से किसी कार्य की सिद्धि नहीं होती। कार्य सिद्धि के लिए उद्यम और सतत उद्यम आवश्यक है।
तुलसीदास ने सत्य ही कहा है सकल पदार्थ जग माही कर्महीन न पावत। अर्थात इस दुनिया में सारी चीजें हासिल की जा सकती हैं लेकिन वे कर्महीन व्यक्ति को कभी नहीं मिल सकती हैं। अगर आप भविष्य में सफलता की फसल काटना चाहते हैं तो आपको उसके लिए बीज आज ही बोने होंगे, आज बीज नहीं बोएंगे, भविष्य में फसल काटने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। पूरा संसार कर्म और फल के सिद्धांत पर चलता है इसलिए कर्म की तरफ आगे बढ़ना होगा। यदि सही मायने में सफल होना चाहते हैं तो कर्म में जुट जाएं और तब तक जुटे रहें जब तक कि सफल न हों जाएँ। अपना एक-एक मिनट अपने लक्ष्य को समर्पित कर दें। काम में जुटने से आपको हर वस्तु मिलेगी जो आप पाना चाहते हैं सफलता सम्मान, धन, सुख या जो भी आप चाहते हैं।
(i) गद्यांश के अनुसार ………….. व्यक्ति के जीवन में अंधकार ही बताया गया है।
(क) श्रमहीन
(ख) विश्रामहीन
(ग) नेत्रहीन
(घ) प्रकाशहीन
उतर – (क) श्रमहीन

(ii) ‘हवाई किले तो सहज ही बन जाते हैं, लेकिन वे हवा के हल्के झौंके से ढह जाते हैं। इस कथन के द्वारा लेखक क्या कहना चाहता है ?
(क) तेज़ हवाओं से आवासीय परिसर नष्ट हो जाते हैं।
(ख) हवा का रुख अपने पक्ष में परिश्रम से ही किया जा सकता है।
(ग) हवाई कल्पनाओं को हमेशा संजोकर रखना असंभव है।
(घ) परिश्रमहीनता से सफलता असंभव है।
उत्तर – (ख) हवा का रुख अपने पक्ष में परिश्रम से ही किया जा सकता है।

(iii) सत्त उद्यम से क्या तात्पर्य है ?
(क) निरंतर तपता हुआ उद्यम
(ख) निरंतर परिश्रम करना
(ग) ज्ञान का सत्त उद्यम
(घ) सत्त उठते जाना
उत्तर – (ख) निरंतर परिश्रम करना

(iv) किस अवस्था में प्राप्त सफलता मन को व्यथित करेगी ?
(क) सकल पदार्थ द्वारा प्राप्त करने पर
(ख) भौतिक संसाधनों द्वारा प्राप्त करने पर
(ग) दूसरों द्वारा किए गए अथक प्रयासों से
(घ) श्रमहीन तरीके से प्राप्त करने पर
उत्तर – (घ) श्रमहीन तरीके से प्राप्त करने पर

(v) मनुष्य के काम में जुटने से सफलता, सम्मान, धन और सुख की प्राप्ति होती है। इस संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है
(क) अपना एक-एक मिनट अपने लक्ष्य को समर्पित करना
(ख) सफलता मिलने तक कर्म में जुटे रहना
(ग) अपनी सुविधानुसार कर्म में लगना
(घ) पूरा संसार कर्म और फल के सिद्धांत पर चलता है
उत्तर – (ग) अपनी सुविधानुसार कर्म में लगना

प्रश्न 2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
मैंने हँसना सीखा है
मैं नहीं जानती रोना।
बरसा करता पल-पल पर
मेरे जीवन में सोना।
मैं अब तक जान न पाई
कैसी होती है पीड़ा?
हंस-हंस जीवन में कैसे
करती है चिंता कीड़ा?
जग है असार सुनती हूँ
मुझको सुख-सार दिखाता।
मेरी आँखों के आगे
सुख का सागर लहराता।
कहते हैं होती जाती
खाली जीवन की प्याली।
पर मैं उसमें पाती हैं
प्रतिपल मदिरा मतवाली।
उत्साह, उमंग निरंतर
रहते मेरे जीवन में।
उल्लास विजय का सता
मेरे मतवाले मन में।
आशा आलोकित करती
मेरे जीवन के प्रतिक्षण।
हैं स्वर्ण-सूत्र से वलयित
मेरी असफलता के घन।
सुख भरे सुनहले बादल
रहते हैं मुझको बादल घेरे।
विश्वास, प्रेम, साहस हैं
जीवन के साथी मेरे।।
(i) “बरसा करता पल-पल पर मेरे जीवन में सोना”। कवयित्री का सोना से अभिप्राय है-
(क) स्वर्ण
(ख) कंचन
(ग) आनन्द
(घ) आराम
उत्तर – (ग) आनन्द

(ii) असफलता के बादलों को कवयित्री ने किससे घेरकर रखा है ?
(क) असफलता के बादलों को सोने की छड़ी से घेरकर रखा है।
(ख) कवयित्री सफलता में भी असफलता की आशा से भरी रहती हैं।
(ग) कवयित्री ने असफलता के बादलों को सोने के सूत्र से घेरकर रखा है।
(घ) बादल के बरसने पर निकलने वाली बूंदों से क्योंकि इनसे नव सृजन होता है।
उत्तर – (ग) कवयित्री ने असफलता के बादलों को सोने के सूत्र से घेरकर रखा है।

(iii) कवयित्री द्वारा विश्वास, प्रेम और साहस को अपना जीवन साथी बनाकर रखना यह निष्कर्ष निकालता है कि–
(क) अनुकूल परिस्थितियां सदैव वश में नहीं रह सकती।
(ख) विपरीत परिस्थितियों में भी आशा का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।
(ग) जीवन में हितकारी साथी सदैव साथ होने चाहिए।
(घ) प्रेम, विश्वास व साहस की डोर सदैव लंबी होती है।
उत्तर – (ख) विपरीत परिस्थितियों में भी आशा का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।

(iv) कवयित्री असफलताओं को किस रूप में स्वीकार करती हैं ?
(क) प्रसन्नता के साथ ग्रहण करती हैं।
(ख) वेदनामयी अवस्था में ग्रहण करती हैं।
(ग) तिरस्कृत कर देती हैं।
(घ) हताश होकर स्वीकार करती हैं।
उत्तर – (क) प्रसन्नता के साथ ग्रहण करती हैं।

(v) आधुनिक जीवन में भी मनुष्य के सामने अनेक समस्याएं आती हैं। इस काव्यांश के माध्यम से समस्याओं का समाधान कैसे किया जा सकता है ?
(क) मनुष्य हताश होकर सहायतार्थ समस्याओं का हल करने का प्रयास अथक भाव से करे।
(ख) मनुष्य हताश न हो और समस्याओं का हल करने का प्रयास अथक भाव से करे।
(ग) निरंतर प्रयासरत रहकर परस्परावलंब से जीवन पथ पर गतिमान रहे।
(घ) सुख और दुख जीवन में आते जाते रहते हैं।
उत्तर – (ख) मनुष्य हताश न हो और समस्याओं का हल करने का प्रयास अथक भाव से करे।

अथवा

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खेत की धरती बने न बंजर, चले न जादू टोना।।
टुकिया दादी, अन्नो बेटी, झूमझूम कर गाएँ।
पकी फसल को डसने वाले, सफल नहीं हो पाएँ।।
‘सत्यमेव जयते’ बन-बन के खाएँ भर-भर दोना।।
सुखवा, दुखवा, गंगू, पंगू खुद ही जोते-बोएं।
अपनी फसल आप ही काटे, और न ज्यादा रोएँ।
जो खोया सो खोया भइया, वक्त अब न खोना।।
प्रगति पथ पर निर्माणों के नव स्वर संचानों।
समता की सुरसरि के, सुख को भागीरथ जानो।।
स्वर्ग उतर आए धरती पर, चमके कोना-कोना।
मिट्टी से सोना उपजाओ, इस मिट्टी से सोना।।
(i) पद्यांश के अनुसार ………….. सफल नहीं हो सकता ।
(क) पकी फसल को डसने वाले
(ख) पकी फसल को बोने वाले
(ग) पकी फसल को रखने वाले
(घ) पकी फसल को पकाने वाले
उत्तर – (क) पकी फसल को डसने वाले

(ii) ‘स्वर्ग उतर आए धरती पर, चमके कोना-कोना’। यहाँ ‘कोना-कोना’ में कौन-सा अलंकार है ?
(क) यमक अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार
(घ) उत्प्रेक्षा अलंकार
उत्तर – (ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

(iii) निम्नलिखित में से सुरसरि के दोनों ठीक पर्यायवाची पहचानिए।
(क) गंगा और वीणापाणि
(ख) देवनदी ओर भागीरथी
(ग) त्रिपथगा और भास्कर
(घ) मंदाकनी और सरिता
उत्तर – (ख) देवनदी ओर भागीरथी

(iv) काव्यांश का उचित ………….. शीर्षक है।
(क) परिश्रम और कल्पना
(ख) मेहनत का फल हमेशा सुखदायी
(ग) मेहनत व स्वतंत्रता
(घ) छलबल से सफलता
उत्तर – (ख) मेहनत का फल हमेशा सुखदायी

(v) कथन (A) और (R) को पढ़कर उचित विकल्प चुनिए।
कथन (A) : कवि ने मिट्टी में सोना उपजाने का संदेश दिया है।
कारण (R) : परिश्रम से बंजर भूमि को, सोना उगलने वाली भूमि बनाया जा सकता है।
(क) कथन (A) सही है किंतु कारण (R) गलत है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत है।
(ग) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है।
(घ) कथन (A) सही है किंतु कारण (R) उसकी गलत व्याख्या है।
उत्तर – (ग) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है।

प्रश्न 3. काव्य पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) ‘एक गीत’ कविता में ‘मुझसे मिलने को कौन विकल’? यह पंक्ति किस भाव को व्यक्त करती है।
(क) प्रसन्नता
(ख) हताशा
(ग) व्याकुलता
(घ) आश्चर्य
उत्तर – (ख) हताशा

(ii) पतंग कविता में दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का अर्थ है कि – – – ।
(क) पास में ढोलक की दुकान है।
(ख) आस-पास का वातावरण संगीतमय हो गया है।
(ग) चारों दिशाओं में ढोलक बजाए जा रहे हैं।
(घ) बच्चे छतों पर ढोलक बजाते हुए नृत्य कर रहे हैं।
उत्तर – (ख) आस-पास का वातावरण संगीतमय हो गया है।

(iii) ‘बादल राग’ कविता में जीर्ण बाहु, हैं शीर्ण शरीर, शब्दों का प्रयोग किसके लिए किया गया है ?
(क) शोषक वर्ग के लिए
(ख) शोषित वर्ग के लिए
(ग) बादलों के लिए
(घ) किसान वर्ग के लिए
उत्तर – (घ) किसान वर्ग के लिए

(iv) ‘सहेहु विपिन हिम आतप बाता’ पंक्ति में ‘आतप’ का क्या अर्थ है ?
(क) वायु
(ख) जंगल
(ग) बर्फ
(घ) धूप
उत्तर – (घ) धूप

(v) ‘बात सीधी थी पर’ नामक कविता के आधार पर कॉलम (अ) को कॉलम (ब) से सुमेलित करके सही विकल्प चुनिए ।
कॉलम (अ)                                            कॉलम (ब)
1 बात की पेंच खोलना                             (i) बात में कसावट का न होना
2 बात का शरारती बच्चे की तरह खेलना    (ii) कथ्य और भाषा का सही सामंजस्य बनना
3 बात का बन जाना                                (iii) बात का प्रभावहीन हो जाना
(क) 1(i),  2(ii),  3(iii)
(ख) 1(ii),  2(iii),  3(i)
(ग) 1(iii),  2(i),  3(ii)
(घ) 1(ii),  2(i),  3(iii)
उत्तर – (ग) 1(iii),  2(i),  3(ii)

प्रश्न 4. गद्य पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) भक्तिन के ससुरालवालों ने उसके पति की मृत्यु पर उसे पुनर्विवाह के लिए इसलिए कहा ताकि – – – – ।
(क) भक्तिन सुखी जीवन व्यतीत कर सके
(ख) भक्तिन की घर-संपत्ति को हथिया सकें
(ग) भक्तिन से छुटकारा पा सकें
(घ) भक्तिन को पुनः समाज में सम्मान दे सकें
उत्तर – (ख) भक्तिन की घर-संपत्ति को हथिया सकें

(ii) ‘बाज़ार दर्शन’ पाठ में लेखक ने किस प्रकार के बाज़ार को मानवता का शत्रु कहा है ?
(क) छल-कपट तथा शोषण पर आधारित
(ख) ईमानदारी पर आधारित
(ग) भगत जी के आचरण से
(घ) योजना बनाकर बाजार जाना
उत्तर – (क) छल-कपट तथा शोषण पर आधारित

(iii) शिरीष के फूल को संस्कृत साहित्य में …………… माना गया है।
(क) कठोर
(ख) कोमल
(ग) सख्त
(घ) मजबूत
उत्तर – (ख) कोमल

(iv) समतामूलक समाज में श्रम का विभाजन …………… के आधार पर किया जाता है ।
(क) धर्म
(ख) जाति
(ग) दक्षता
(घ) बेरोजगारी
उत्तर – (क) धर्म

(v) ‘पहलवान की ढ़ोलक’ नामक पाठ के आधार पर कॉलम (अ) को कॉलम (ब) से सुमेलित करके सही विकल्प चुनिए।
कॉलम (अ)                                     कॉलम (ब)
1 धिना-धिना, धिक-धिना!                 (i) उठा पटक दे! उठा पटक दे!!
2 चट्-धा, गिड-धा—चट्-धा, गिड-धा   (ii) चित करो, चित करो।
3 चटाक्-चट्-धा, चटाक्-चट्-धा         (iii) आ जा भिड़ जा
(क) 1(i),  2(ii),  3(iii)
(ख) 1(ii),  2(iii),  3(i)
(ग) 1(iii),  2(i),  3(ii)
(घ) 1(ii),  2(i),  3(iii)
उत्तर – (ख) 1(ii),  2(iii),  3(i)

प्रश्न 5. ‘वितान भाग-2’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) निम्नलिखित में से कहानी में किशन दा के बुढ़ापे में सुखी न होने का क्या कारण था ?
(क) बच्चों के व्यवहार के कारण
(ख) यशोधर पंत के व्यवहार के कारण
(ग) कर्मकांडी होने के कारण
(घ) सेवानिवृति के बाद मित्रों के अपने घर पर रहने की पेशकश न करने के कारण।
उत्तर – (घ) सेवानिवृति के बाद मित्रों के अपने घर पर रहने की पेशकश न करने के कारण।

(ii) आनंद अपनी उम्र के हिसाब से अधिक …………. प्रतीत होते हैं।
(क) भोले
(ख) जिज्ञासु
(ग) विवेकी
(घ) अभिमानी
उत्तर – (ख) जिज्ञासु

(iii) मुअनजो-दड़ो की सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता बताइए।
(क) राजपोषित सभ्यता
(ख) धर्मपोषित सभ्यता
(ग) समाजपोषित सभ्यता
(घ) जाति विशेष द्वारा पोषित
उत्तर – (ग) समाजपोषित सभ्यता

(iv) सिंधु घाटी की सभ्यता के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है ?
(क) सिंधु घाटी की सभ्यता प्राचीनतम सभ्यता थी।
(ख) सिंधु घाटी की सभ्यता में राजतंत्र स्थापित नहीं था।
(ग) सिंधु घाटी की सभ्यता आडंबरहीन थी।
(घ) सिंधु घाटी की सभ्यता छोटी होते हुए भी महान थी।
उत्तर – (ख) सिंधु घाटी की सभ्यता में राजतंत्र स्थापित नहीं था।

(v) ‘जूझ’ नामक पाठ के कथन (A) और (R) को पढ़कर उचित विकल्प चुनिए।
कथन (A) : शिक्षक के सार्थक परिश्रम की गवाही आनंद है।
कारण (R) : शिक्षक पूरी निष्ठा से अपना कर्म करते हैं।
(क) कथन (A) सही है किंतु कारण (R) गलत है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत है।
(ग) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है।
(घ) कथन (A) सही है किंतु कारण (R) उसकी गलत व्याख्या है।
उत्तर – (ग) कथन (A) सही है और कारण (R) उसकी सही व्याख्या है।

प्रश्न 6. ‘अभिव्यक्ति एवं माध्यम’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) निम्नलिखित में से कौन-सी इंटरनेट (माध्यम) की खूबी है ?
(क) अत्यधिक खर्चीला
(ख) निरक्षर के लिए ज्यादा उपयोगी नहीं
(ग) सभी प्रकार की सूचनाओं की तत्काल प्राप्ति
(घ) दुष्प्रचार फैलाने में महारत
उत्तर – (ग) सभी प्रकार की सूचनाओं की तत्काल प्राप्ति

(ii) समाचार माध्यमों में काम करने वाले पत्रकार द्वारा पाठकों तक सूचनाएं पहुँचाने के लिए किया जाने वाला लेखन ………….. कहलाता है।
(क) साहित्यिक लेखन
(ख) पत्रकारीय लेखन
(ग) रचनात्मक लेखन
(घ) विशेष लेखन
उत्तर – (ख) पत्रकारीय लेखन

(iii) साक्षात्कार के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक नहीं है ?
(क) साक्षात्कार लेने वाले व्यक्ति के बारे मे आवश्यक जानकारी होना
(ख) साक्षात्कार के समय पहले से प्रश्नावली तैयार रखना
(ग) साक्षात्कार का उद्देश्य निश्चित होना
(घ) साक्षात्कार के समय कठिन व अनावश्यक प्रश्न करना
उत्तर – (घ) साक्षात्कार के समय कठिन व अनावश्यक प्रश्न करना

(iv) निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार खेल जगत से है ?
(क) भालू को देखकर लोगों की मूर्खतापूर्वक हरकत
(ख) तुर्की देश में भूकंप से जानमाल की भारी हानि
(ग) सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा कल से
(घ) प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की खुराक भत्ते बढ़ाने की घोषणा
उत्तर – (घ) प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की खुराक भत्ते बढ़ाने की घोषणा

(v) स्तंभ लेखन का मौका दिया जाता है-
(क) किसी भी लेखक को
(ख) पत्रकार को
(ग) संपादक को
(घ) लेखक विशेष को
उत्तर – (घ) लेखक विशेष को

प्रश्न 7. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) ‘रीत्यानुसार’ शब्द का सन्धि-विच्छेद ………… है।
(क) रीत + अनुसार
(ख) रीत् + अनुसार
(ग) रीति + अनुसार
(घ) रीत्य + अनुसार
उत्तर – (ग) रीति + अनुसार

(ii) निम्नलिखित में कॉलम (अ) को कॉलम (ब) के शब्दों को उचित सन्धि से मिलान कीजिए।
कॉलम (अ)          कॉलम (ब)
1 चवन्नी             (i) कर्मधारय समास
2 धीरे-धीरे          (ii) द्विगु समास
3 जल-थल         (iii) द्वंद्व समास
4 कमल नयन     (iv) अव्ययीभाव समास
(क) 1(ii),  2(iv),  3(iii),  4(i)
(ख) 1(i),  2(ii),  3(iii),  4(iv)
(ग) 1(iii),  2(i),  3(iv),  4(ii)
(घ) 1(iv),  2(ii),  3(i),  4(iii)
उत्तर – (क) 1(ii),  2(iv),  3(iii),  4(i)

(iii) निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य छाँटिए।
(क) यह काम मैं आसानीपूर्वक कर सकता हूँ।
(ख) यह काम मैं आसानी के साथ कर सकता हूँ।
(ग) यह काम मैं आसानी सहित कर सकता हूँ।
(घ) यह काम मैं आसानी से कर सकता हूँ।
उत्तर – (घ) यह काम मैं आसानी से कर सकता हूँ।

(iv) ‘मैंने गुनगुने गर्म पानी से स्नान किया’। इस वाक्य में क्या दोष है ?
(क) शब्द-क्रम संबंधी
(ख) मुहावरे संबंधी
(ग) पुनरुक्ति संबंधी
(घ) परसर्ग संबंधी
उत्तर – (ग) पुनरुक्ति संबंधी

(v) ‘योगदान’ में ……….. समास है।
(क) अव्ययीभाव
(ख) कर्मधारय
(ग) बहुब्रीहि
(घ) तत्पुरुष
उत्तर – (ख) कर्मधारय

प्रश्न 8. नैतिक शिक्षा पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5 अंक)
(i) अब्दुल हम्मीद को मरणोपरांत …………. पदक से सम्मानित किया गया।
(क) भारत रत्न
(ख) परमवीर चक्र
(ग) पद्मश्री
(घ) पद्मविभूषण
उत्तर – (ख) परमवीर चक्र

(ii) तीन वर्ष की पाबंदी के दौरान दुर्गा भाभी ने किस विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य किया ?
(क) प्यारे लाल कन्या विद्यालय गाजियाबाद
(ख) माण्टेरी स्कूल लखनऊ
(ग) बालनिकेतन विद्यामन्दिर दिल्ली
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) प्यारे लाल कन्या विद्यालय गाजियाबाद

(iii) गरीब और पिछड़ी जाति के बच्चों के प्रति बसु के क्या विचार थे ?
(क) आदमी परिश्रम से ही ऊँचा होता है, धन या जाति से नहीं।
(ख) मनुष्य बल हीन तो आत्मबल के गिरने या नष्ट होने से होता है।
(ग) (क) और (ख) दोनों
(घ) (क) और (ख) में से कोई नहीं
उत्तर – (ग) (क) और (ख) दोनों

(iv) ‘साहस से मर जाने पर मुझे बागी का खिताब देना’ – यह कथन किसका है।
(क) रासबिहारी बोस
(ख) शचीन्द्रनाथ सान्याल
(ग) करतार सिंह सराबा
(घ) सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर – (ग) करतार सिंह सराबा

(v) निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य बुद्ध द्वारा बताए गए चार सत्यों में से सही नहीं है।
(क) संसार दुःखों का घर है।
(ख) संसार सुखों का घर है।
(ग) दुःखों का मूल कारण मनुष्य की तृष्णा एवं लालसा है।
(घ) तृष्णा पर विजय पाकर दुःखों पर मुक्ति पाई जा सकती है।
उत्तर – (ख) संसार सुखों का घर है।

खण्ड-ब (वर्णनात्मक प्रश्न)

प्रश्न 9. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। (5 अंक)
सदा पंक पर ही होता
जल-विप्लव-प्लावन
क्षुद्र प्रफुल्ल जलज से
सदा छलकता नीर,
रोग-शोक में भी हँसता है
शैशव का सुकुमार शरीर।
उत्तर : प्रसंग व संदर्भ – कविता ‘बादल राग’ व कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’।
व्याख्या – क्रान्ति से हमेशा समाज के निम्न वर्ग को लाभ व पूंजीपति वर्ग के मन में डर के भाव होते हैं।
काव्य-सौन्दर्य – प्रतीकात्मक शब्दावली, अनुप्रास व स्वर मैत्री अलंकार, ओज गुण व मुक्त छंद आदि।

अथवा

निम्नलिखित पद्यांश के प्रश्नों का उचित उत्तर दीजिए।
फिर हम परदे पर दिखलाएँगे
फूली हुई आँख की एक बड़ी तस्वीर
बहुत बड़ी तस्वीर
और उसकी होंठों पर एक कसमसाहट भी
(आशा है आप उसे उसकी अपंगता की पीड़ा मानेंगे)
एक और कौशिश
दर्शक
प्रश्न : (i) कवि और कविता का नाम लिखिए।
उत्तर – श्री रघुवीर सिंह और कैमरे में बंद अपाहिज

(ii) होंठों पर कसमसाहट क्या अभिव्यक्त करती है ?
उत्तर – अपाहिज व्यक्ति की पीड़ा

(iii) कार्यक्रम का प्रस्तुतकर्ता परदे पर क्या दर्शाना चाहता है ?
उत्तर – अपाहिज के दुःख-दर्द को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर कार्यक्रम को प्रभावशाली बना सके।

(iv) अपाहिज की स्थिति का चित्रण करने वाले कार्यक्रम निर्माता का उद्देश्य क्या होता है ?
उत्तर – अपाहिज तथा दर्शकों को रुलाकर लोगों में अपाहिजों के प्रति सहानुभूति उत्पन्न करके कार्यक्रम को लोकप्रिय बनाना।

(v) प्रस्तुतकर्ता की दृष्टि में कार्यक्रम कब सफल माना जाएगा ?
उत्तर – जब अपाहिज तथा दर्शक दोनों जोर-जोर से रोए और समाज में कार्यक्रम संचालक की लोकप्रियता बढ़े।

प्रश्न 10. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। (5 अंक)
इन बातों को आज पचास से ज्यादा बरस होने को आए पर ज्यों की त्यों मन पर दर्ज हैं। कभी-कभी कैसे-कैसे संदर्भों में ये बातें मन को कचोट जाती हैं, हम आज देश के लिए करते क्या हैं? माँगे हर क्षेत्र मे बड़ी-बड़ी हैं पर त्याग का कहीं नाम-निशान नहीं। अपना स्वार्थ एकमात्र लक्ष्य रह गया है। हम चटखारे लेकर इसके या उसके भ्रष्टाचार की बातें करते हैं पर कभी जाँचा है कि अपने स्तर पर अपने दायरे में हम उसी भ्रष्टाचार के अंग तो नहीं बन रहे हैं ?
उत्तर : प्रसंग व संदर्भ – लेखक ‘धर्मवीर भारती’ व पाठ ‘काले मेघा पानी दे’।
व्याख्या – लेखक कहता है कि इन बातों को गुजरे हुए पचास वर्ष हो चुके हैं। लेकिन जीजी की बातें आज भी मन पर अंकित हैं। ऐसे अनेक संदर्भ आते हैं जब ये बातें मन पर चोट पहुँचाती हैं। हम देश की वर्तमान हालत देखकर व्याकुल हो उठते हैं। लेखक कहता है कि हमने अपने देश के लिए कुछ भी नहीं किया। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हम देश के सामने अनेक माँगें प्रस्तुत करते हैं, परंतु हमारे अंदर त्याग तनिक भी नहीं है। हम सब स्वार्थी बन गए हैं और स्वार्थ पूरा करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य रह गया है। हम लोगों में व्याप्त भ्रष्टाचार की खूब चर्चा करते हैं। उनकी निंदा करके हमें बहुत आनंद आता है। लेकिन हमने यह नहीं सोचा कि निजी स्तर पर हम अपने क्षेत्र में उसी भ्रष्टाचार का हिस्सा तो नहीं बन गए हैं। भाव यह है कि हम स्वयं तो भ्रष्टाचार से लिप्त हैं। भ्रष्ट उपाय अपनाकर हम अपना काम निकालते हैं।
विषेश – विवेचनातमक शैली, वाक्य विन्यास सटीक, भाषा सहज।

अथवा

निम्नलिखित गद्यांश के प्रश्नों का उचित उत्तर दीजिए।
इससे मन को बंद कर डालने की कोशिश तो अच्छी नहीं। वह अकारथ है यह तो हठवाला योग है। शायद हठ-ही-हठ है, योग नहीं है। इससे मन कृश भले हो जाए और पीला और अशक्त जैसे विद्वान का ज्ञान । वह मुक्त ऐसे नहीं होता। इससे वह व्यापक की जगह संकीर्ण और विराट की जगह क्षुद्र होता है। इसलिए उसका रोम-रोम मूँदकर बंद तो मन को करना नहीं चाहिए। वह मन पूर्ण कब है? हम में पूर्णता होती तो परमात्मा से अभिन्न हम महाशून्य ही न होते? अपूर्ण हैं, इसी से हम हैं। सच्चा ज्ञान सदा इसी अपूर्णता के बोध को हममें गहरा करता है। सच्चा कर्म सदा इसी अपूर्णता की स्वीकृति के साथ होता है। अतः उपाय कोई वही हो सकता है जो बलात् मन को रोकने को न कहे, जो मन को भी इसलिए सुनें क्योंकि वह अप्रयोजनीय रूप में हमें नहीं प्राप्त हुआ है। हाँ, मनमानेपन की छूट मन को न हो, क्योंकि वह अखिल का अंग है. खुद कल नहीं है।
प्रश्न : (i) लेखक और पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर – जैनेंद्र कुमार और बाज़ार दर्शन

(ii) अकारथ का क्या अर्थ है ?
उत्तर – अनुपयोगी / व्यर्थ या बेकार

(iii) लेखक के मतानुसार हठ योग क्या है ?
उत्तर – संसार की इच्छाओं, स्वादों और आनंदों का निषेद करना ।

(iv) लेखक के अनुसार सच्चा ज्ञान क्या है ?
उत्तर – हमारी अपूर्णता का बोध कराकर पूर्णता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करे।

(v) मन को मनमानेपन की छूट क्यों नहीं होनी चाहिए ?
उत्तर – क्योंकि मन समस्त या संपूर्ण का अंग है, खुद कल नहीं है।

प्रश्न 11. निम्नलिखित दो अप्रत्याशित विषयों में से किसी एक पर लगभग 150 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए। (5 अंक)
(क) हरियाणा सरकार की महत्त्वकांशी योजना ई-अधिगम
(ख) भारतीय युवाओं की बढ़ती विदेश जाने की मानसिकता
उत्तर – विवेकानुसार खुद करे।

अथवा

निम्नलिखित (क) और (ख) विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में अपनी भावाभिव्यक्ति कीजिए।
(क) निम्नलिखित चित्र देखकर संभावित द्वंद्वों का उल्लेख करते हुए वर्णन कीजिए।

उत्तर – भयानक जंगल से गुजरते हुए बच्चों का रास्ते से भटक जाना।
• बच्चों का अनेक डरावनी आवाजों से डर जाना।
• घर के सदस्यों की याद आना व उनके परेशान होने के भाव जागना।
• एक दूसरे पर इस समस्या का दोषारोपण करना।
• अंत में अनेक कष्टों को सहते हुए, धैर्य व बहादुरी के साथ जंगल का रास्ता ढूंढ़कर, जंगल से बाहर निकलने के उद्देश्य में सफल हो जाना।

(ख) आप 17 वर्ष के नमन हैं। आप किसी दूसरे व्यक्ति की कार में सफर कर रहे हैं। अचानक कोई सड़क पर दुर्घटना घट जाती है। आपके सहयोगी के सहायता से मना करने पर आप किस प्रकार सहायता करेंगे। उस स्थिति का 150 शब्दों में वर्णन कीजिए।
उत्तर – विवेकानुसार खुद करे।

प्रश्न 12. काव्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए। (3 + 2 = 5 अंक)
(i) बादल–राग कविता में बादलों के आगमन से प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – पृथ्वी के आँचल में सुप्त अंकुरों का जाग जाना।
• छोटे-छोटे पोधों तथा फसलों का वर्षा के बाद विकास की कल्पना।
• बादल रूपी क्रान्ति से निम्न वर्ग के जीवन के विकास की संभावना।
• समाज में समानता की संभावना बनना।

(ii) शोकग्रस्त माहोल में हनुमान के आगमन को करुण रस में वीर रस का आविर्भाव क्यों कहा गया है ?
उत्तर – लक्ष्मण की मूर्च्छा अवस्था के कारण राम की विलापीय स्थिति।
• संजीवनी बूटी के आते ही उपचार से लक्ष्मण का स्वस्थ होना।
• राम का रुदन आशा और उत्साह में बदलना।

प्रश्न 13. गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों मे दीजिए। (3 + 2 = 5 अंक)
(i) बाबा साहेब आंबेडकर की कल्पना का आदर्श समाज का वर्णन कीजिए ।
उत्तर – स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व पर आधारित।
• संपत्ति के अधिकार की व्यवसाय को चुनने का अधिकार।
• व्यवाहरिक रूप में जीवन यापन की समान सुविधाएं।
• समाज के सब लोग एक दूसरे की सुरक्षा के प्रति सजग।

(ii) बाज़ार दर्शन पाठ में लेखक के अनुसार किस प्रकार पैसे की व्यंग्य शक्ति, व्यक्ति को अपनों के प्रति कृतघ्न बना डालती है ?
उत्तर – अमीर लोगों के ऐश्वर्य युक्त जीवन शैली को देखकर साधारण जन के मन में लालसा, ईर्ष्या तथा तृष्णा उत्पन्न होना।
• पैसे की कमी के कारण आम जन का व्याकुल व हीन भावना का सामना करना।

प्रश्न 14. ‘वितान भाग-2’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए। (3 + 2 = 5 अंक)
(i) यशोधर बाबू की पत्नी संस्कारों से आधुनिक न होते हुए भी आधुनिकता का–सा आचरण क्यों करती है ?
उत्तर – यौवनकालीन जीवन में संयुक्त परिवार के आदर्शों व नियमों के कारण उनके शौक पूरे न होने के कारण।
• बच्चों के नए जमाने की ओर अग्रसर होते हैं तो उनका साथ देने के लिए आधुनिकता का आचरण करती है।
• यौवनकालीन जीवन के दबे शौक पूरे करने का मौका मिला है तो उन्हें पूरा करने के लिए आधुनिकता का आचरण करती हैं।

(ii) स्वयं कविता रच लेने का आत्मविश्वास लेखक के मन में कैसे पैदा हुआ ?
उत्तर – मराठी अध्यापक ने उनकी बनाई गई लयबद्ध पंक्तियों को बच्चों के सामने गवाना।
• स्कूल समारोह में लेखक के गाए गए गीत को सभी द्वारा पसंद करना।

प्रश्न 15. ‘व्याकरण’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों मे दीजिए। (3 + 2 = 5 अंक)
(i) यमक अलंकार का लक्षण बताते हुए उदाहरण दीजिए।
उत्तर – जहाँ किसी शब्द का एकाधिक बार भिन्न-भिन्न अर्थों में प्रयोग हो, वहा यमक अलंकार होता है। जैसे- काली घटा का घमण्ड घटा।

(ii) व्यंजन संधि को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर – व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन का विकार सहित मेल व्यंजन संधि कहलाता है। जैसे- सज्जन = सत + जन

प्रश्न 16. ‘नैतिक शिक्षा’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए। (3 + 2 = 5 अंक)
(i) सरदार पटेल का जीवन, उनके किन चारित्रिक गुणों के कारण आदर्श माना जाता है।
उत्तर – कर्त्तव्य परायणता और सहिष्णुता।
• धैर्यवान
• देशभक्त

(ii) जननी व जन्मभूमि को स्वर्ग से बढ़कर क्यों माना गया है ?
उत्तर – माता असहनीय कष्टों को सहन कर मानव जीवन का सृजन करती है।
• मातृभूमि भिन्न-भिन्न श्रेष्ठ भोग्य पदार्थ देकर मानव को सार्थकता प्रदान करती है।

Leave a Comment

error: