HBSE Class 12th History Sample Paper 2024 Answer

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HBSE Class 12th History Sample / Model Paper 2024 Answer

कक्षा – 12वी                       विषय – इतिहास (History)
समय : 3 घंटे                        पूर्णांक : 80

सामान्य निर्देश –
• प्रश्न पत्र में 5 खण्ड सम्मिलित है – क, ख, ग, घ और ड़। प्रश्न पत्र में 34 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
• खण्ड क – प्रश्न संख्या 1 से 21 प्रत्येक 1 अंक का हैं।
• खण्ड ख – प्रश्न संख्या 22 से 27 लघु उत्तरीय प्रश्न हैं, प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 60-80 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
• खण्ड ग – प्रश्न संख्या 28 से 30 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं, प्रत्येक प्रश्न 8 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 300-350 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
• खण्ड घ – प्रश्न 31 से 33 तीन उक्त प्रश्नों के साथ स्त्रोत आधारित (sourse based) प्रश्न हैं और प्रत्येक 4 अंक के हैं।
• खण्ड ड़ – प्रश्न संख्या 34 मानचित्र आधारित है, जिसमें 5 अंक हैं। मानचित्र को उत्तर-पुस्तिका के साथ संलग्न करें।

खण्ड क – प्रश्न संख्या 1 से 21 प्रत्येक 1 अंक का हैं।
1. हड़प्पा किस नदी के तट पर स्थित है ?
(क) रावी
(ख) सिन्धु
(ग) झेलम
(घ) सतलुज
उत्तर – (क) रावी

2. मौर्य साम्राज्य के संस्थापक कौन थे ?
(क) बिम्बिसार
(ख) चन्द्रगुप्त मौर्य
(ग) बिन्दुसार
(घ) अशोक
उत्तर – (ख) चन्द्रगुप्त मौर्य

3. मनु स्मृति का रचनाकाल क्या था ?
(क) 2000 ई.पू. से 50 ई.पू.
(ख) 200 ई. से 300 ई.
(ग) 200 ई.पू. से 200 ई.
(घ) 100 ई.पू. से 100 ई.
उत्तर – (ग) 200 ई.पू. से 200 ई.

4. जातकों की भाषा क्या थी ?
(क) संस्कृत
(ख) पालि
(ग) हिन्दी
(घ) प्राकृत
उत्तर – (ख) पालि

5. इब्न बतूता ने भारत में कौन सी वस्तु विचित्र लगी ?
(क) नारियल
(ख) पान
(ग) (क) और (ख) दोनो
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ग) (क) और (ख) दोनो

6. भारत में सूफी आन्दोलन का कौन-सा सिलसिला अधिक लोकप्रिय हुआ ?
(क) कादरी
(ख) नक्सबंदी
(ग) सुहरावर्दी
(घ) चिश्ती
उत्तर – (घ) चिश्ती

7. गजपति की उपाधि कहां के शासक धारण करते थे ?
(क) बहमनी
(ख) विजय नगर
(ग) उड़ीसा
(घ) महाराष्ट्र
उत्तर – (ग) उड़ीसा

8. शाह नहर की मुरम्मत किसने करवाई थी ?
(क) बाबर
(ख) हुमायूँ
(ग) शाहजहाँ
(घ) अकबर
उत्तर – (ग) शाहजहाँ

9. मोहन जोदड़ो का शब्दिक अर्थ क्या है ?
उत्तर – मृतकों का टीला

10. अभिलेखशास्त्र किसे कहते हैं ?
उत्तर – अभिलेख उन लेखों को कहते है जो पत्थर, धातु या मिट्टी के बर्तन जैसी कठोर सतह पर खुदे होते है।

11. ‘कुन्ती ओ निशादी’ किसकी रचना है ?
उत्तर – महाश्वेता देवी

12. जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर कौन थे ?
उत्तर – ऋषभदेव

13. इब्नबतूता नारियल की तुलना किससे करता है ?
उत्तर – मानव सिर से

14. सूफी संत के निवास स्थान को …………… कहा जाता है।
उत्तर – खानकाह

15. दामिन-इ-कोह नामक भू-भाग पर …………. को बसाया गया।
उत्तर – संथाल

16. ……….को बंगाल आर्मी की पौधशाला कहा जाता था।
उत्तर – अवध

17. गांधी जी द्वारा …………. और ………… नामक दो समाचार पत्र निकाले गये।
उत्तर – यंग इण्डिया और हरिजन

18. ……………. को आधुनिक मनु एवं भारतीय संविधान का पिता कहा जाता है।
उत्तर – डॉ. बी. आर. अम्बेडकर

19. निम्नलिखित कथनों पर विचार करेंगे, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) के रूप में लेबल किया गया है। कथन को पढ़िये उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
अभिकथन (A) – 10 मई 1857 की दोपहर बाद मेरठ छावनी में सिपाहियों ने विद्रोह कर दिया।
कारण (R) – फिरंगियों का सफाया करने के लिए हिन्दी, उर्दू और फारसी में अपीले जारी होने लगे।
(क) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही हैं, R सही नहीं है।
(घ) R सही हैं, A सही नहीं है।
उत्तर – (क) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या है।

20. अभिकथन (A) – 12 मार्च, 1930 को गांधी जी ने अपने साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा की शुरूआत की।
कारण (R) – नमक सत्याग्रह के सिलसिले में लगभग 60 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें गांधी जी भी थे।
(क) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही हैं, R सही नहीं है ।
(घ) R सही हैं, A सही नहीं है।
उत्तर – (क) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या है।

21. अभिकथन (A) – 16 अगस्त, 1946 के दिन को मुस्लिम-लीग ने एक प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया।
कारण (R) – कांग्रेस ने दो राष्ट्र के सिद्धान्त को स्वीकार किया।
(क) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनो सही हैं। और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही हैं, R सही नहीं है।
(घ) R सही हैं, A सही नहीं है।
उत्तर – (ग) A सही हैं, R सही नहीं है।

खण्ड ख – प्रश्न संख्या 22 से 27 लघु उत्तरीय प्रश्न हैं, प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 60-80 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
22. स्पष्ट कीजिए कि विशिष्ट परिवारों में पितृवंशिका क्यो महत्वपूर्ण रही होगी।
उत्तर – पितृवंशिकता वह पारिवारिक परम्परा है जिसमें वंश परम्परा पिता से पुत्र फिर पौत्र, परपोत्र आदि की और चलती है, इसमें परिवार की सम्पत्ति के उत्तराधिकारी पुत्र ही होते है। राजाओं के संदर्भ में सिंहासन के उत्तराधिकारी पुत्र ही थे। महाभारत काल तक यह परम्परा एक आदर्श के रूप में स्थापित हो चुकी थी। यदाकदा इसके अपवाद भी मिलते है। जैसकि पुत्र के न होने पर भाई राजा बन जाता था। कुछ परिस्थितियों में औरत भी सत्ता की उत्तराधिकारी बनी।

अथवा

क्या यह संभव है कि महाभारत का एक ही रचयिता था? चर्चा कीजिए।
उत्तर – जनश्रुतियों के अनुसार महर्षि वेदव्यास को महाभारत का रचनाकार माना गया है। लेकिन आधुनिक विद्वान इससे सहमत नहीं है। इतिहासकार मानते हैं कि इसकी रचना भाट सार्थियों ने की जिन्हें सूत कहा जाता था और ये सूत राजाओं के साथ युद्ध के मैदानों में जाते थे। आगे चलकर यह कथा ब्राह्मण लेखकों के हाथों में चली गई।

23. आपके अनुसार स्त्री पुरूष संघ में क्यों जाते थे।
उत्तर – जैसाकि हमें पता है महात्माबुद्ध ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए बौद्ध संघ की स्थापना की जो समानता पर आधारित एक व्यवस्था थी। इसमें किसी के साथ जाति वर्ण और वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं होता था। बौद्ध धर्म के शिक्षक, शिक्षिकाएं बनने के लिए स्त्री-पुरुष संघ के सदस्य बनते थे।

24. किताब-उल-हिन्द के बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर – किताब-उल-हिन्द अलबिरूनी द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो अरबी भाषा में लिखा गया। इस पुस्तक के 80 अध्याय हैं, जिनमें भारत के धर्म दर्शन, समाज, परम्पराओं, चिकित्सा, ज्योतिष आदि विषयों को विस्तृत ढंग से लिखा है।

25. कृषि उत्पादन में महिलाओं की भूमिका का विवरण दीजिए।
उत्तर – महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करती थी। पुरुष खेत जोतने व हल चलाने का कार्य करते थे जबकि महिलाएं निराई, कटाई व फसल से अनाज निकालने के कार्य में हाथ बटाती थी। कृषक और मजदूर के लिए भोजन इत्यादि पहुँचाने की व्यवस्था प्रायः महिलाओं के द्वारा की जाती थी।

26. संथालों ने ब्रिटिश शासन के विरूद्ध विद्रोह क्यों किया ?
उत्तर – संथालों में निम्न कारणों से विद्रोह किया :
• उनकी जमीने धीरे-धीरे जमीदारों और साहूकारों के हाथों में जाने लगी थी। लगान अदा न करने की स्थिति में संथाल लोग साहूकारों से ऋण आदि लेते थे और साहुकार उनसे 50-500 प्रतिशत सूद वसूल करते थे।
• सरकारी अधिकारी पुलिस सभी संथालों का शोषण करते थे। यहां तक कि उनकी स्त्रियों की इज्जत भी सुरक्षित नहीं थी।
• अंत में संथालों ने बाहरी लोगों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।

27. संविधान सभा ने भाषा के विवाद को हल करने के लिए क्या रास्ता निकाला।
उत्तर – संविधान सभा ने भाषा के विवाद को हल करने के लिए एक फार्मूला विकसित किया। समिति ने सुझाव दिया था कि देवनागरी में लिखी हिन्दी भाषा भारत की राजकीय भाषा होगी। हिन्दी को राष्ट्रीय भाषा बनाने के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए। आगामी 15 वर्षों के लिए सरकारी कार्यों में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग जारी रहेगा। प्रत्येक प्रांत को अपने कार्य के लिए एक क्षेत्रीय भाषा चुनने का अधिकार होगा।

अथवा

महात्मा गांधी को ऐसा क्यों लगता था कि हिन्दुस्तानी राष्ट्रीय भाषा होनी चाहिए।
उत्तर – हिन्दुस्तानी हिन्दी और उर्दू के मेल से बनी भाषा थी। हिन्दुस्तानी भारतीय जनता के एक बड़े भाग की भाषा थी। गांधी जी को लगता था कि यह भाषा हिन्दू और मुसलमानों की एकता के लिए सही है। इससे राष्ट्र निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ेगा। इसलिए गांधी जी को ऐसा लगता था कि हिन्दुस्तानी राष्ट्रीय भाषा होनी चाहिए।

खण्ड ग – प्रश्न संख्या 28 से 30 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं, प्रत्येक प्रश्न 8 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 300-350 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।
28. हड़प्पाई समाज में शासकों द्वारा किये जाने वाले संभावित कार्यों की चर्चा कीजिए।
उत्तर – उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जाता है कि हड़प्पा सभ्यता में एक शासक वर्ग अवश्य था। यहां की उत्तम व्यवस्था के लिए किसी शासक वर्ग का होना जरूरी था। कुछ विद्वान मानते हैं कि यहां धर्म शासित संघवाद था। इन सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए हड़प्पा के शासकों द्वारा किये जाने वाले संभावित कार्यों का विवरण इस प्रकार से कर सकते है –
• एक सुनियोजित नगर योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शासकों द्वारा किये जाते थे।
• कुछ विद्वानों का मानना है कि यहां एक राजा नहीं बल्कि कई शासक थे। जो अपने-अपने क्षेत्र की देखभाल करते थे।
• कुछ विद्वानों का मानना है कि ये शासक पुरोहित शासक रहे होगें जो धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करते थे। विशाल स्नानागार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाए धार्मिक अनुष्ठानों की और इशारा करती है।
• ये शासक व्यापार पर भी अपना नियंत्रण रखते थे। वस्तुओं के आयात निर्यात और कय तथा विक्रय इन शासकों की देखरेख में ही होता था।

अथवा

हडप्पा सभ्यता में शिल्प उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल की सूची बनाईए और चर्चा कीजिए कि ये किस प्रकार प्राप्त किये जाते होंगे ?
उत्तर – हड़प्पा सभ्यता अपने हस्तशिल्प उत्पादों के लिए प्रसिद्ध थी। इन उत्पादों के लिए जो कच्चा माल प्रयुक्त होता था उसकी सूची निम्न है – चिकनी मिट्टी, पत्थर, तांबा, जस्ता, कांसा, सोना, शंख तथा कार्नीलियन स्फटिक, क्वार्टज, सेलखड़ी, लाजवर्द मणि, कीमती लकड़ी, कपास ऊन, सुईया फर्यान्स जैस्पर आदि। इनमें से कुछ माल स्थानीय स्तर पर प्राप्त हो जाता था। बाकी अभियानों के द्वारा राजा दूरस्थ स्थानों से कच्चा माल मंगवाते थे जैसे- खेतडी राजस्थान से तांबा और दक्षिण भारत से सोना आदि मंगवाते थे।

29. भक्ति आन्दोलन की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर – भक्ति आन्दोलन एक सरल और साधारण आन्दोलन था। जिसकी विशेषताएं निम्नलिखित थी –
• भक्ति आन्दोलन में एकेश्वरवाद पर बल दिया और यह कहा गया कि ईश्वर सर्वव्यापी है और यह प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में निवास करता है।
• भक्ति काल के संत ईश्वर के चरणों में पूर्ण सम्पर्ण और प्रेम के भाव को महत्व देते थे।
• यहां पर गुरु की महिमा पर बल दिया गया है। गुरू को भगवान से ऊँचा पद दिया है। भक्तिकाल के लगभग सभी संतों ने गुरु की महत्ता को स्वीकार किया है।
• इन संतों ने मानव की समानता पर बल दिया है। मौलिक समानता के सिद्धान्त को स्वीकार करते हुए किसी भी प्रकार के भेदभाव को अस्वीकार कर दिया है।

अथवा

तमिलनाडू के अलवार और नयनार संत परम्परा पर एक लेख लिखें।
उत्तर – तमिलनाडू क्षेत्र में भक्ति परम्परा की शुरूआत 6वी शताब्दी में अलवार और नयनार संतों द्वारा की गई थी। अलवार संत विष्णु के भक्त थे और नयनार भगवान शिव के भक्त थे। ये सब एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते थे और अपने ईष्ट देव की स्तुति में भजन आदि गाते थे। कुछ स्थानों को इन्होंने अपने ईष्ट देव का निवास स्थान घोषित कर दिया, जहां बड़े-बड़े मंदिरों का निर्माण किया गया। इन संतो ने जाति प्रथा का खण्डन किया और ब्राह्मणों की प्रभुसता को अस्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सभी ईश्वर की संतान हैं। इनमें पुरुष ही नहीं बल्कि स्त्रियाँ भी शामिल थी। अण्डाल नामक स्त्री के भक्तिगीत उस समय लोकप्रिय हुए। इसी प्रकार से नयनार परम्परा में कराईक्काल अम्मइयार नामक महिला का नाम भी सम्मान के साथ लिया जाता है।

30. 1857 के विद्रोह के कारणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर – जैसा कि हमें पता है भारतीयों ने सबसे पहले संगठित होकर अंग्रेजी सरकार के विरूद्ध 1857 में विद्रोह किया था। यह विद्रोह किसी एक कारण से न होकर अनेक कारणों का सामूहिक परिणाम था। इस विद्रोह के उत्पत्ति के कारणों का वर्णन हम निम्न प्रकार से कर सकते हैं –
• सामाजिक कारण – अंग्रेजी सरकार ने भारतीय समाज में फैली कुरीतियों का उन्नमूलन करने के लिए कुछ सुधार कानून बनाये। जिनमें सती प्रथा कानून, बाल विवाह कानून, कन्या वध को रोकने का कानून आदि प्रमुख थे। समाज के रूढ़िवादी लोगों ने उनके इन सुधारों को अपने धर्म और सामाजिक परम्परा में एक दखलअन्दाजी के रूप में लिया।
• धार्मिक कारण – अंग्रेज लोग इसाई धर्म और इसाई मिशनरियों को प्रोत्साहन दे रहे थे। इससे भारत के लोग अंग्रेजों के विरूद्ध हो गये और यह कारण आगे चलकर विद्रोह का रूप धारण कर लिया।
• राजनैतिक कारण – अंग्रेजों ने सहायक सन्धि प्रथा और लैप्स की नीति अपनाई जिसके अन्तर्गत लगभग सभी भारतीय राज्य अंग्रेजों के अधीन हो गये। लैप्स नीति में यह प्रावधान था कि जिस राजा के यहां कोई पुत्र नहीं होगा, उसके राज्य को अंग्रेजी साम्राज्य में शामिल कर लिया जायेगा। अतः भारतीय शासकों में भय और डर का माहौल बना हुआ था।
• आर्थिक कारण – अंग्रेजी सरकार भारत का दोहरा शोषण कर रही थी। यहां से कच्चा माल सस्ते रेट में खरीद कर इग्लैंड भेजते थे और वहां से कम्पनियों के द्वारा निर्मित सामान को ऊँचे दामों पर भारतीय बाजारों में बेचते थे। इस व्यवस्था में भारतीय कारीगर बिल्कुल समाप्त हो गये जो आगे चलकर विद्रोह का कारण बना।
• तत्कालीन कारण – इस विद्रोह का तत्कालीन कारण चर्बी वाले कारतूस माने गये है। उस समय यह अफवाह फैल गई कि जो नये कारतूस आये है उन पर सूअर और गाय की चर्बी लागी हुई है। सैनिक इस बात से खफा थे कि सरकार उनका धर्म भ्रष्ट करना चाहती थी।

अथवा

अवध में विद्रोह इतना व्यापक क्यों था? किसान, ताल्लुकदार और जमींदार इसमें क्यों शामिल हुए।
उत्तर – जैसा कि हमें पता है कि 1857 में एक व्यापक जन विद्रोह हुआ। जहां तक अवध का सम्बन्ध है यहां किसान दस्तकार से लेकर ताल्लुकदार और नवाबी परिवार के सदस्यों सहित सभी लोगों ने भाग लिया। अवध में इस विद्रोह की व्यापकता के निम्नलिखित कारण थे –
• अवध का विलय – सरकार ने 1856 ई.वी. में अवध प्रान्त का विलय कुशासन के आधार पर ब्रिटिश साम्राज्य में कर लिया। अवधवासी इस विलय को न्याय संगत नहीं मानते थे। उनकी नयायवाजिद अली शाह के प्रति काफी गहरी सहानुभूति थी। अतः लोग विद्रोह करने के लिए बाध्य हुए।
• ताल्लुकदारों का अपमान – अवध में ताल्लुकदार एक छोटे राजा की तरह रहते थे। उनकी अपनी सेनाएं थी और वे महलनुमा घरों में रहते थे। जब अवध का विलय ब्रिटिश साम्राज्य ने किया तो उनकी जमीन छीन ली गई और उनकी सेनाएं भंग कर दी गई। अत: इस अपमान का बदला उन्होंने विद्रोह में शामिल होकर लिया।
• किसानों में असंतोष – किसान भी अंग्रेजी सरकार के विरुद्ध थे। वे ताल्लुकदारों में अपने अभिभावक की छवि देखते थे। जब कभी फसल खराब हो जाती थी तो ये ताल्लुकदार उनसे कर वसूल आदि नहीं करते थे लेकिन अब अंग्रेजी सरकार ने भूराजस्य की मांग को बढ़ा दिया और उसे वसूल करने का ढंग भी अपमानित करने जैसा था। अतः किसान लोग भी इस विद्रोह में सम्मिलित हुए।

खण्ड घ – प्रश्न 31 से 33 तीन उक्त प्रश्नों के साथ स्त्रोत आधारित (sourse based) प्रश्न हैं और प्रत्येक 4 अंक के हैं।
31. पाटलिपुत्र का इतिहास –
प्रत्येक नगर का अपना इतिहास था। उदाहरण के तौर पर पाटलिपुत्र का विकास पाटलिग्राम नाम के एक गाँव से हुआ। फिर पाँचवी सदी ई.पू. में मगध शासकों ने अपनी राजधानी राजगाह को हटाकर इसे बस्ती में लाने का निर्णय किया और इसका नाम बदल दिया ……। जब चीनी यात्री श्वैन त्सांग सातवी सदी ई. में यहां आया तो इसे यह नगर खण्डर में बदला मिला ……।
31.1 मगध की प्रथम राजधानी कौन सी थी ?
उत्तर – राजगाह

31.2 पाटलिपुत्र को मगध की राजधानी कब बनाया गया ?
उत्तर – 5वी सदी ई.पू. में

31.3 किस चीनी यात्री ने सातवी सदी में भारत की यात्रा की ?
उत्तर – श्वैन त्सांग

32. विजय नगर के सबसे प्रसिद्ध शासक कृष्ण देव राय (शासनकाल 1509-29) में शासन कला के विषय में अमुक्तमल्यद नामक तेलुगु भाषा में कृति लिखी। व्यापारियों के विषय में उसने लिखा: एक राजा को अपने बन्दरगाहों को सुधारना चाहिए ……। सुदूर देशों के व्यापारियों जो हाथियों और अच्छे घोड़ों का आयात करते हैं, को रोज बैठक में बुलाकर तोफे देकर और उचित मुनाफे की स्वीकृति देकर ……..।
32.1 विजय नगर का सबसे प्रतापी शासक किसे माना जाता है ?
उत्तर – कृष्ण देव राय

32.2 अमुक्तमल्यद की रचना किसने की ?
उत्तर – कृष्ण देव राय

32.3 अमुक्तमल्यद के लेखन ने राजा को किससे अच्छे सम्बन्ध स्थापित करने की सलाह दी है ?
उत्तर – व्यापारियों से

33. 1920 के दशक में जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद से लगातार प्रभावित होते जा रहे थे और 1928 में जब वे यूरोप की यात्रा से लोटे तो सोवियत संघ के प्रयोगों के गहरे तौर से प्रभावित थे। जब उन्होंने समाजवादियों (जयप्रकाश नारायण, नरेन्द्र देव, एन. जी. रंगा एवं अन्य) के साथ घनिष्ठता पूर्वक काम करना शुरू किया। 1936 में कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद नेहरू ने मजदूरों व किसानों की मांगों का समर्थन किया।
33.1 1920 के दशक में जवाहर लाल नेहरू किस विचारधारा से प्रभावित होते जा रहे थे ?
उत्तर – समाजवाद

33.2 प्रमुख समाजवादी नेताओं के नाम बताओ।
उत्तर – जयप्रकाश नारायण, नरेन्द्र देव, एन. जी. रंगा

33.3 1936 में नेहरू ने किनकी मांगों का समर्थन किया ?
उत्तर – किसानों की

खण्ड ड़ – प्रश्न संख्या 34 मानचित्र आधारित है, जिसमें 5 अंक हैं। मानचित्र को उत्तर-पुस्तिका के साथ संलग्न करें।
34. भारत के दिये गये मानचित्र पर निम्नलिखित स्थलों को अंकित कीजिए।
(क)(1) लोथल – एक हड़प्पा स्थल
(2) कालीबंगा – एक हड़प्पा स्थल
(3) मेरठ – 1857 के विद्रोह का प्रमुख केन्द्र
(4) रेवाड़ी – हरियाणा में 1857 का विद्रोह का प्रमुख केन्द्र

(ख) भारत के मानचित्र में दो स्थल जो (A) और (B) के रूप में चिन्हित किये गये है पहचान कर इनके नाम लिखिए, इनमें से एक स्थल गांधी जी के आन्दोलन से सम्बन्धित है और दूसरा स्थल 13 अप्रैल, 1919 की घटना से सम्बन्धित है।
उत्तर –

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